राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) मुखिया लालू प्रसाद यादव के बेटे और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को लेकर निर्णायक फैसला 18 जुलाई को लिया जा सकता है। बता दें कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के छापे के बाद तेजस्वी पर इस्तीफे देने का दबाव बनाया जा रहा है।
नीतीश नहीं करेंगे भ्रष्टाचार से समझौता-
- जनता दल (यूनाइटेड) साफ किया कि नीतीश कुमार किसी भी हाल में भ्रष्टाचार से समझौता नहीं करने वाले है।
- जेडयू सुप्रीमो के इस रवैये से साफ लग रहा है कि तेजस्वी को अपना पद छोड़ना ही पडे़गा।
- दूसरी तरफ लालू यादव ने भी ऐलान किया है कि किसी भी कीमत पर उनका बेटा पद से खुद इस्तीफा नहीं देगा।
- राजद के इस फैसले के बाद जेडीयू सुप्रीमो और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर दबाव बढ़ गया है।
नीतीश पर टिकीं सबकी निगाहें-
- लालू और उनका परिवार पहले ही भ्रष्टाचार के मामलों में फंसा हुआ है।
- ऐसे में अगर तेजस्वी इस्तीफा देते है तो पहले ही बैकफुट पर पहुंचे लालू यादव नैतिक रूप से इस सियासी लड़ाई को हार जाएंगे।
- यही वजह है कि राजद को नीतीश की कार्रवाई का इंतजार है।
- अगर ऐसा होता है तो इसस राजद को कुछ जमीनी आधार मिला जाएगा।
- ऐसे में अब सबकी निगाहें नीतीश कुमार के फैसले पर टिकीं हुई है।
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