बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेटे की कंपनी टेम्पल इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड मार्च 2013 में घाटे में थी और ये घाटा 6,239 रुपये था. मांर्च 2014 में भी कंपनी घाटे में रही और घाटा था 1,724 रुपये. लेकिन 2014-15 में ये कंपनी मुनाफे में आ गई. कपिल सिब्बल ने कहा कि यानि मई 2014 में कुछ बदलाव हुआ और मुनाफे का कारवां चल पड़ा. उक्त बातें कपिल सिब्बल ने कहते हुए अमित शाह पर हमला बोला था. न्यूज़ पोर्टल द वायर की स्टोरी के आधार पर काबिल सिब्बल ने सवाल उठाये. इसके बाद बीजेपी और अमित शाह की जमकर आलोचना हो रही थी. इसपर बीजेपी ने पलटवार किया है.
वायर की स्टोरी झूठी:
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अभी-अभी प्रेस कांफ्रेंस की और वायर की स्टोरी के बाद चल रही बहस को एक कदम आगे बढ़ा दिया. अमित शाह के बेटे की कंपनी पर आरोप के बचाव में पीयूष गोयल प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे.
- उन्होंने कहा कि वायर की स्टोरी पढ़ी है.
- वायर की स्टोरी एकदम झूठी है.
- उन्होंने कहा कि वायर पर आपराधिक मानहानि का केस दर्ज किया जायेगा.
- उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेता की छवि जानबूझकर ख़राब करने की कोशिश की.
- जो भी आरोप जय शाह पर लगाये गये वो बेबुनियाद हैं.
- उन्होंने कहा कि इस आर्टिकल के लेखक, दी वायर के संपादक के खिलाफ मानहानि का मुक़दमा किया जायेगा.
100 करोड़ का मानहानि मुक़दमा:
- 100 करोड़ रूपये का आपराधिक मानहानि का मामला अहमदाबाद में किया जायेगा.
- ट्रांजेक्शन के बारे में पारदर्शिता रही है.
- वो लोन नहीं था लेटर ऑफ़ क्रेडिट था.
- NBFC से लोन देना गलत नहीं है.
- उन्होंने कहा कि जो भी खबर है वो दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक है.
- जय शाह के सभी व्यापार ईमानदारी से चल रहे हैं.
- उन्होंने पूरी तरह क़ानूनी बिजनेस किया.
- बैंक से लोन नहीं मिला इसलिए अनसिक्योर्ड लोन लिया गया.
- जो लोन लिया उसे ब्याज सहित TDS काटकर चुकाया.
- उन्होंने कहा कि आर्टिकल में चार्ज नहीं मिला है लेकिन बदनाम करने की कोशिश की गई है.
- आर्टिकल का टाइटल अमित शाह से जोड़ना दर्शाता है कि उनकी मंशा क्या थी.
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Kamal Tiwari
Journalist @weuttarpradesh cover political happenings, administrative activities. Blogger, book reader, cricket Lover. Team work makes the dream work.