मध्यप्रदेश के मंदसौर में किसानों द्वारा आंदोलन को एक अलग ही रूप में बदल दिया गया जिसके बाद यहाँ पर इस आंदोलन ने हिंसा का रूप ले लिया. जिले में फैली अशांति को देखते हुए सरकार और सुरक्षा बलों द्वारा कर्फ्यू लगा दिया गया था. जिसके बाद अब कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी द्वारा इन किसानों के परिवारों से मुलाकात की गयी.
क़र्ज़ केवल देश के 50 लोगों का मांफ होता है :
- कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी आज मध्यप्रदेश के मंदसौर के लिए रवाना हुए.
- जिसके बाद उन्हें रास्ते में ही नीमच जिले में रोक कर हिरासत में ले लिया गया था.
- आपको बता दें कि राहुल पर धारा 151 लगाकर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया.
- परंतु बाद में उनकी ज़मानत कराते हुए उन्हें छोड़ दिया गया.
- आपको बता दें कि इस दौरान राहुल ने किसानों के परिवारों से फ़ोन पर बातचीत की थी.
- साथ ही उन्हें आश्वासन दिया था कि वे उनसे आकर मिलेंगे और बातचीत करेंगे.
- उनकी ज़मानत होने के साथ वे सबसे पहले इन किसानों के परिवार वालो से मिले.
- आपको बता दें कि उनसे मुलाक़ात के बाद राहुल ने अपना बयान दिया.
- उनके बयान के अनुसार मारे गए किसानों के परिवार उन्हें शहीद का दर्जा दिलाना चाहते हैं.
- यही नही इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में केवल 50 लोगों का क़र्ज़ मांफ होता है.
- और ये 50 लोग देश के सबसे अमीर लोग होते हैं जिनपर सबसे ज़्यादा क़र्ज़ को वसूल करने के लिए लगाम कसनी चाहिए.
- इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों का क़र्ज़ मांफ नहीं कर सकती.
- वजह केवल इन 50 लोगों का क़र्ज़ मांफ करती है जो देश के सबसे अमीर लोग होते हैं.
- आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में उठे इस आंदोलन का मूल कारण ऋण मुक्ति और फसल में हुए नुक्सान पर मुआवजा मांगना था.
- जिसके बाद यह आंदोलन मध्यप्रदेश के अन्य क्षेत्रों में अभी भी जारी है.
यह भी पढ़ें :नागालैंड मुठभेड़ में शहीद जवान को परिवार ने दी श्रद्धांजलि!
UTTAR PRADESH NEWS की अन्य न्यूज पढऩे के लिए Facebook और Twitter पर फॉलो करें
Tags
#family of farmers
#mandsaur
#mandsaur case
#mandsaur dispute
#mandsaur farmers agitation
#mandsaur farmers stir
#mandsaur incident
#mandsaur violence
#mandsaur violence victim family
#mandsaur visit
#martyrdoom
#Rahul Gandhi
#किसानों को मिले शहीद का दर्जा
#मंदसौर
#मंदसौर कलह
#मंदसौर कांड
#मंदसौर किसान आंदोलन
#मंदसौर मामले
#मंदसौर में किसानों की हत्या
#मंदसौर में किसानों के आंदोलन
#मंदसौर में किसानों पर चली गोली