भाजपा के दिल्ली मुख्यालय में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है.समाजवादी पार्टी जहाँ उत्तर प्रदेश चुनावों के लिए महागठबंधन की तैयारी कर रही है.भाजपा के मन में बिहार में हुए 2015 गठबंधन की यादें ताज़ा हो रही हैं जिसने अंत तक लालू प्रसाद और नितीश कुमार के रिश्तों में खठाई डाल दी थी.
अखिलेश यादव का हुआ पुनर्जन्म
- पार्टी सिंबल मिलने के बाद अखिलेश यादव का सही मायने में पुनर्जन्म हुआ है.
- भाजपा का सामाजवादी पार्टी को गिराने का मुख्य मुद्दा ,खराब और गिरता हुआ कानून.
- अब कमज़ोर पड़ता नजर आ रहा है.भाजपा में गुपचुप बातें चल रहीं हैं.
- अखिलेश यादव ने पार्टी चिन्ह जीतकर अपने ऊपर उठ रही सारी उँगलियों का रुख बदल दिया है.
- भाजपा ने अबतक उत्तर प्रदेश से कोई मुख्यमंत्री चेहरा नहीं चुना है.
- भाजपा का मानना है सपा और बसपा मुस्लिम वोटों पर हाथ मारना चाहती है.
- इसलिए ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम चेहरों को प्रत्याशी के तौर पर ला रहे हैं.
भाजपा को सपा- कांग्रेस और लोकदल के महागठबंधन का डर
- सपा- कांग्रेस और लोकदल के महागठबंधन का डर भाजपा को सता रहा है.
- अगर गठबंधन हुआ तो बनिया वर्ग के सारे वोट सपा के खाते में चले जायेंगें.
- दूसरी ओर नोटबंदी का असर भी चुनाव पर पड़ सकता है.व्यापारियों का जो नुक्सान नोटबंदी के कारण हुआ है.
- उसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ सकता है.
- सपा द्वारा प्रदेश में क़ानून पर सकारत्मक असर ना ला पाना सपा को भारी पड़ सकता है.
- नोटबंदी के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने नेशनल एग्जीक्यूटिव मीटिंग में कई तथ्यों पर बात की थी.
- खुद को फ़कीर बता कर उन्होंने खुद को देश के लिए समर्पित कर दिया.
- कुछ इस तरह के शब्द बोल कर आने वाले चुनावों के लिए खुद की छवि को मज़बूत करना चाहा.
- भाजपा की कई रैलियों में भाजपा ने नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक का बखान कर जनता को रिझाने की कोशिश की.
- पर अब महागठबंधन होते देख भाजपा को हार का डर सता रहा है.
- अखिलेश यादव ने दिसम्बर में कुछ उम्मीदवारों की घोषणा कर् दी थी.
- सूत्रों के अनुसार 235 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा के बाद कुछ सीटों को कांग्रेस के लिए छोड़ दिया था.
पूर्व चुनाव नतीजे भी महत्वपूर्ण-
- साल 2014 में जब भाजपा ने 71 सीटों पर जीत दर्ज की थी.कांग्रेस उस चुनाव में दूसरे स्थान पर रही थी.
- राजनाथ सिंह ने लखनऊ से चुनाव जीता था.कोंग्रेस की रीटा बहुगुणा दूसरे स्थान पर रहीं थीं.
- कानपुर से कांग्रेसी नेता श्री प्रकाश जैसवाल को 2.51 लाख वोट मिले थे .
- मुरली मनोहर जोशी दूसरे स्थान पर रहे थे.गाज़ियाबाद से राज बब्बर दूसरे स्थान पर रहे थे.
- सहारनपुर सीट से भाजपा के राघवलखनपाल जीते थे.मथुरा सीट से किसी भी कांग्रेस प्रत्याशी ने चुनाव नहीं लड़ा.
- हेमा मालिनी ने मथुरा सीट से चुनाव जीता था.जयंत चौधरी RLD से दूसरे स्थान पर रहे.
- प्रदीप माथुर वर्तमान समय में मथुरा सीट से विधायक हैं.
- बाराबंकी सीट से पीएल पुनीया दुसरे स्थानं पर रहे जबकि कुशीनगर से आरपीएन सिंह रनरअप रहे.
- ग्रैंड ओल्ड पार्टी ने केवल 28 सीटों पर जीत हासिल की.जिनमें से 13 सीटें शहरी निर्वाचन क्षेत्र की थीं.
- शामली,हापुर,खुर्जा और जैसी सीटें शामिल थीं.
- लखनऊ कैंट और इलाहबाद नार्थ में पिछड़ा वर्ग की ज्यादा जनसंख्या है.
- साल 2016 में कांग्रेस ने एक और सीट ला दी जब देओबंद से मवैया अली ने जीत दर्ज की.
- सामाजवादी पार्टी की मीना राणा दूसरे स्थान पर रहीं वहीँ भाजपा तीसरे स्थान पर रहा.
- आगामी पांच राज्यों में होने वाले चुनाव क्या नतीजे लाते हैं ये जल्द पता लग जायेगा.
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