मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद में हुए बीआरडी कॉलेज हादसे (BRD medical collage ) में केस लखनऊ में दर्ज हुआ था. बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई मौतों के मामले में मंगलवार को मुख्य सचिव राजीव कुमार ने अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी थी. रिपोर्ट के बाद सीएम योगी के निर्देश पर लखनऊ में FIR दर्ज की गई थी.
गोरखपुर में तफ्तीश हुई शुरू:
- लखनऊ से केस ट्रांसफर होने के बाद गोरखपुर में तफ्तीश शुरू हो गई है.
- गुलहरिया थाने में फ़ाइल भेज दी गई है.
- इस मामले की विवेचना सीओ कैन्ट कर रहे है.
- इम्पीरियल गैसेज के सप्लाई पर अस्थायी रोक लगा दी गई है.
- बता दें कि पूर्व प्राचार्य राजीव मिश्रा की पसंदीदा फर्म है इंपीरियल.
कॉलेज प्रशासन मोदी गैसेज से करेगा डील:
- अब ऑक्सीजन सिलेंडर मोदी गैसेज से खरीदे जाएंगे.
- इस मुकदमें के वादी केके गुप्ता बने हैं.
- 420,308,409,15,66,8,120B के तहत केस दर्ज किया गया है.
- इस पूरे मामले में कुल 9 लोग आरोपी बनाए गए हैं.
- गजानन,डॉ. पूर्णिमा,डॉ. कफील, डॉ. राजीव मिश्र,डॉ. सतीश के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
- जबकि संजय कुमार, सुधीर कुमार पांडेय,मनीष भंडारी, उदय प्रताप शर्मा पर भी FIR दर्ज हुई है.
क्या है पूरा मामला (BRD Medical College)
- बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अधिक बच्चों की मौत होने के बाद गोरखपुर के जिलाधिकारी को जांच सौंपी गई थी.
- मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से लेकर कई अन्य जिम्मेदार डॉक्टरों को लापरवाही का तो दोषी माना गया था.
- लेकिन ऑक्सीजन की कमी की बात सामने नहीं आई थी.
- मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जांच समिति गठित कर एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी थी.
- मामले में कई स्तरों पर अधिकारियों की उदासीनता और लापरवाही की बातें सामने आई थीं.
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Kamal Tiwari
Journalist @weuttarpradesh cover political happenings, administrative activities. Blogger, book reader, cricket Lover. Team work makes the dream work.