सीएम योगी आदित्यनाथ जनता की समस्याओं को सुनने के लिए टीम बना चुके हैं. हर जिले में जनता की फरियाद सुनने के लिए यहाँ तक कि प्रदेश कार्यालय में मंत्री बैठते हैं. सीएम ने आदेश दिया है. लेकिन अभी भी कई जिलों के विभागों में अफसर समय से न तो आते हैं और ना फरियाद सुनते हैं. ऐसे अधिकारियों को लेकर सीएम योगी सख्त हैं. उन्होंने ऐसे सभी अधिकारियों को नोटिस भेज दिया है.
मुख्यमंत्री ने 20 और अफसरों को नोटिस दिया
- 10 विकास प्राधिकरणों के वीसी को नोटिस भेजा गया है.
- 10 नगर आयुक्तों को भी सीएम योगी ने नोटिस भेजा है.
- नोएडा के तीनों प्राधिकरणों के सीईओ को नोटिस भी योगी सरकार ने भेजा है.
- गाजियाबाद कानपुर, गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी के नगर आयुक्त का नाम भी नोटिस में है.
- इसके अतिरिक्त झांसी, आगरा, बरेली, इलाहाबाद नगर आयुक्तों को नोटिस भी दिया गया है.
- जनता की समस्या ना सुनने वाले गोरखपुर के वीसी को भी नोटिस भेजा गया है.
- वहीँ नगर आयुक्त को भी सीएम ने नोटिस भेज जवाब माँगा है.
- सीएम ने लखनऊ प्राधिकरण के वीसी पीएन सिंह को नोटिस भेजा है.
- वीसी पीएन सिंह से सीएम ने नोटिस का जवाब माँगा है.
- जनता की समस्या नहीं सुनने वाले वीसी, आयुक्तों पर सीएम ने सख्त रवैया अपनाया है.
- लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर, सहारनपुर, मेरठ के वीसी पर भी सीएम ने नजर रखी है.
- इन सभी को सीएम द्वारा नोटिस जारी किया गया है.
- वहीँ झांसी, आगरा, इलाहाबाद, गोरखपुर के वीसी को भी सीएम ने नोटिस भेजा है.
- सीएम ने सहारनपुर नगर आयुक्त से भी जवाब तलब किया है.
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Kamal Tiwari
Journalist @weuttarpradesh cover political happenings, administrative activities. Blogger, book reader, cricket Lover. Team work makes the dream work.