किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) (Drugs crisis KGMU) में दवाओं का संकट आ खड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि सप्लाई बंद होने से असाध्य और बीपीएल मरीजों का नि:शुल्क इलाज ठप हो गया है। दवा कंपनियों का 20 करोड़ रुपए बकाया होने के चलते कम्पनियों ने दवाओं की सप्लाई बंद कर दी है।
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- मेडिकल कॉलेज के खाते में शासन से सिर्फ 5 करोड़ 75 लाख रुपये पहुंचे।
- इसमें से मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने 3 करोड़ रुपए बिजली का बिल चुकाया औऱ 2 करोड़ की दवाएं खरीदीं।
- अब शासन से पैसा नहीं आने से केजीएमयू कंगाली की हालत में आ गया है।
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बजट की कमी से बेपटरी हो गई चिकित्सीय सुविधा
- जानकारी के मुताबिक, इस बार शासन ने केजीएमयू के लिए केवल 65 करोड़ रुपये बजट पास किया है।
- जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में केजीएमयू के लिए 99 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ था।
- बताया जा रहा है कि इस बजट से संस्थान में दवा, उपकरण और सर्जिकल आइटम्स की खरीद की जानी थी।
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- हालांकि ये बजट भी अब तक संस्थान के खाते में नहीं आया है।
- इसकी वजह से केजीएमयू में एंटीबायटिक इंजेक्शन, रुई, सीरिंज, ऑक्सीजन मास्क, ग्लव्स, वीगो समेत जांच में उपयोग होने वाले कई महत्वूर्ण कैमिकल की कमी हो गई है।
- इसकी वजह से गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के इलाज में दिक्कत आ रही है।
- दवाओं की कमी की वजह से ट्रॉमा सेंटर और गांधी वॉर्ड में भर्ती गरीब मरीजों से बाहर से दवाएं और ग्लूकोज मंगवाया (Drugs crisis KGMU) जा रहा है।
- वहीं क्वीन मेरी अस्पताल में पट्टी सूचर, टेप, और एंबुबैग तक नहीं मिल रहा है।
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दवा कंपनियों का 20 करोड़ रुपये बकाया
- दवा कंपनियों की केजीएमयू पर 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की दवाएं और सर्जिकल आइटम का पैसा बकाया है।
- केजीएमयू के दवा स्टोर के जिम्मेदारों ने बताया कि कंपनी ने दवाओं की सप्लाई रोक दी है।
- हालांकि इसके लिए दवा कंपनी को रिमाइंडर दिया जा चुका है।
- वहीं बिजली विभाग का भी 15 करोड़ रुपये बिजली का बिल बकाया है।
- जब लेसा ने बिजली काटने की चेतावनी दी इसके बाद केजीएमयू ने 3 करोड़ रुपये चुकाए।
- इसके बाद भी अभी बिजली बिल का 13 करोड़ रुपये बाकी है।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
- इस संबंध में केजीएमयू के रजिस्ट्रार राजेश कुमार राय ने बताया कि सिर्फ 5.75 करोड़ रुपये मिले थे।
- इसमें 3 करोड़ रुपये बिजली का बिल चुका दिया गया।
- बाकी 2 करोड़ रुपये की दवाएं मंगवा ली थीं।
- शासन से अभी तक बजट जारी नहीं हुआ है।
- वहीं केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ.नरसिंह वर्मा ने बताया कि संस्थान में जीवनरक्षक दवाएं है।
- बाकी दवाएं बजट के हिसाब से मंगवाई जा रही है।
- अभी नया (Drugs crisis KGMU) बजट आया नहीं है, अधिकारियों को स्थिति के बारे में बता दिया गया है।
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Sudhir Kumar
I am currently working as State Crime Reporter @uttarpradesh.org. I am an avid reader and always wants to learn new things and techniques. I associated with the print, electronic media and digital media for many years.