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उत्तर प्रदेश में चल रहे 2017 विधानसभा चुनाव में चार चरणों का मतदान शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया जा चूका है। सात चरणों में पूर्ण होने वाले इस चुनावी महासमर में पांचवे चरण का मतदान सोमवार 27 फ़रवरी को किया जायेगा।
प्रदेश के 13 फीसदी क्षेत्र की आबादी करेगी पांचवें चरण में मतदान-
- यूपी में 27 फ़रवरी को पांचवें विधानसभा चुनाव का मतदान किया जाना है।
- ये मतदान प्रदेश के 11 जिलों की 51 विधानसभा सीटों की लिए किया जाना है।
- इसमें 617 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाने चुनावी मैदान में उतरेंगे।
- जिनका फैसला उत्तर प्रदेश की 13 फीसदी क्षेत्र की आबादी करेगी।
- जिसमे करीब 2.6 करोड़ लोग शामिल हैं।
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इन 11 जिलों की हालत प्रदेश में सबसे बदतर-
- उत्तर प्रदेश में चल रहे 2017 विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण का मतदान 11 जिलों की 51 विधानसभा सीटों पर किया जायेगा।
- ये जिले है बलरामपुर, गोंडा, फैजाबाद, अम्बेडकर नगर, बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संत कबीरनगर, अमेठी और सुल्तानपुर।
- बता दें कि यूपी के इन 11 जिलों में प्रदेश की 13 फ़ीसदी क्षेत्र की आबादी रहती है।
- जिसकी कुल जनसंख्या 2.6 करोड़ के करीब है।
- लेकिन बात अगर विकास और प्रगति की जाए तो आकड़ों के लिहाज़ से इन 11 जिलों की हालत प्रदेश में सबसे ज्यादा बदतर है।
आंकड़ों के लिहाज़ से ये है इन 11 जिलों की स्थिति
- प्रदेश की 13 फीसदी आबादी इन 11 जिलों में रहती है।
- ये आबादी लगभग 2.6 करोड़ के करीब है।
- इन जनपदों में साक्षरता दर प्रदेश में सबसे कम है।
- गौरतलब हो कि इन जिलों में डिग्री कॉलेज की संख्या मात्र 50 है।
- जो की उत्तर प्रदेश के डिग्री कॉलेजों (4,280) का मात्र 1 % है।
- यही नही इन जिलों में 78% क्षेत्र छोटे किसानों के तहत आता है।
- जो की प्रदेश का 65 औसतन फीसदी क्षेत्र है।
- यह प्रदेश का 75% सिंचित क्षेत्र है।
- इस क्षेत्रों की मुख्य पैदावार अनाज और गन्ना है।
- प्रदेश भर में 9 प्रतिशत शुद्ध घरेलू उत्पाद में इन क्षेत्रों का साझा है।
- बता दें कि प्रदेश का सबसे कम साक्षरता प्रतिशत और सबसे कम प्रति व्यक्ति आय श्रावस्ती जिले में है।
- यही नही सबसे कम शहरी आबादी भी इसी जिले में है।
- प्रदेश के इन जिलों में सालान प्रति व्यक्ति शुद्ध आय 24,926 रूपए है।
- यही नही इन जिलों में उद्यमों की संख्या 0.8 लाख है।
- जिनमे श्रमिकों की संख्या की संख्या 1.8 लाख है।
- विकास के लिए तरस रहे इन जिलों में कुपोषण , खून की कमी , व्यवसाय की कमी , संसाधनों की कमी आंकड़ों के लिहाज़ से सबसे ज्यादा है।
- बता दें कि सिर्फ अमेठी जिले में ही शून्य से पांच वर्ष तक के कुल 206192 बच्चे कुपोषण का शिकार है।
- प्रदेश के इस 13 फीसदी क्षेत्र में 5 साल से कम उम्र के बच्चों कि मृत्यु दर 102 सालाना है।
- जो की प्रदेश भर में होने वाली शिशु मृत्यु दर औसतन 57 % है।
- यही नही इन क्षेत्रों में बच्चे के लिंग अनुपात लड़की 931: 1000 लड़का है।
- इन जिलों में पैदा हुआ नवजात बच्चों के वज़न का औसत 40-60% कम पाया जाता है।
- यही नही 2014 में संस्थागत किए गए स्वास्थ्य सर्वेक्षण में इन क्षेत्रों की महिलाओं में सब से ज्यादा खून की कमी की समस्या पाई गई है।
- जो की प्रदेश भर का औसतन 46 % है।
इन जिलों में 2012 विधानसभा चुनाव के आंकड़े-
- समाजवादी पार्टी-37 सीट
- बसपा-3 सीट
- कांग्रेस-5 सीट
- बीजेपी-5 सीट
- अन्य-2 सीट
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Mohammad Zahid
मैं @uttarpradesh.org का पत्रकार हूँ। तथ्यों को लिखने से मुझे कोई रोक नहीं सकता।नवाबों के शहर लखनऊ का हूँ इसलिए बुलंद आवाज़ भी उठाता हूँ तो बड़े एहतराम से....