काशी नगरी में गंगा आरती का नजारा बेहद मनमोहक होता है. शायद ही कोई ऐसा होगा जो ये मनमोहक नजारा न देखना चाहे. ऐसे में अब गंगा आरती देखने के लिए विशेष प्रबंध किये जा रहे हैं. अब आप पानी में तैरती जेटी से गंगा की आरती का लुत्फ़ उठा सकेंगे. विरोध के बाद भी पर्यटकों को नावों पर पहुंचाने के लिए यहां जेटी लगा दी गई गई.
तैरती जेटी से देखिये गंगा आरती का नजारा:
- करीब डेढ़ करोड़ की लागत से फ्लोटिंग जेटी को लगाया जा रहा है.
- अस्सी घाट पर फ्लोटिंग जेटी लगाने का काफी विरोध भी हुआ था.
- फ्लोटिंग जेटी गंगा आरती का आनंद लेने वाले दर्शनाथियों की सुविधा के लिए लगाया जा रहा है.
- घाटों को एक रंग में रंगने और दशाश्वमेध घाट समेत तीन घाटों को संवारने की योजना पर वर्ष भर पहले काम शुरू हो गया था.
- विरोध को दरकिनार करते हुए दिल्ली की कंपनी अजय पिरामल ग्रुप ने जेटी लगाने में सफलता हासिल कर ली है.
जेटी लगाने का हुआ विरोध:
- मां गंगा निषादराज सेवा समिति इसका विरोध कर रही है.
- समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार निषाद ने बताया कि बुधवार को मल्लाहों की बैठक होगी.
- इसमें जेटी लगाए जाने के विरुद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार होगी.
- घाटों पर काम करने वाले नाविकों का कहना है कि जेटी के लगने से उनका रोजगार प्रभावित होगा.
- इसलिए वो जेटी को किसी भी कीमत पर जेटी नहीं लगने देंगे.
- मां गंगा निषाद राज सेवा समिति ने इलाहाबाद हाई कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था.
- हाईकोर्ट ने इस मामले के निस्तारण के लिए नगर आयुक्त के यहां प्रतिवेदन देने का आदेश दिया था.
- अध्यक्ष ने कहा कि प्रतिवेदन दिया गया है लेकिन निस्तारण की सूचना नहीं दी गई है.
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Kamal Tiwari
Journalist @weuttarpradesh cover political happenings, administrative activities. Blogger, book reader, cricket Lover. Team work makes the dream work.