उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड क्षेत्र पिछले कई सालों से सूखे का दंश झेल रहा है, ऐसे में इस बार के मानसून में हुई अच्छी बारिश की उम्मीद बंधी है
12 साल बाद बने बाढ़ के हालात:
- सूबे के बुंदेलखंड में जुलाई महीने में इतनी बारिश हुई है कि, करीब 12 साल बाद क्षेत्र में बाढ़ के हालात बन गए हैं।
- जिससे क्षेत्र के किसानों में ख़ुशी की लहर है।
- क्षेत्र के सभी तालाब, नदियों और बांधों में पानी जमा हो गया है।
- गौरतलब है कि, प्रदेश सरकार ने सभी सातों जिलों बांदा, चित्रकूट, महोबा, जालौन, झाँसी, ललितपुर और हमीरपुर को सूखा घोषित किया था।
- प्रदेश की समाजवादी सरकार भी मानसून से काफी खुश है, सपा सरकार द्वारा पूरे बुंदेलखंड में करीब 100 तालाबों की खुदाई करवाई गयी थी।
- इस प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब तीन सौ करोड़ रुपये थी।
- इन 100 तालाबों की खुदाई और मानसून की मेहरबानी से जल्द ही बुंदेलखंड क्षेत्र की गिरते भूजल स्तर की समस्या दूर हो जाएगी।
- बुंदेलखंड में एक दिन में 100 एमएम बारिश दर्ज की गयी थी।
- बुंदेलखंड के हमीरपुर में एक दिन में 105, बांदा में 530 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गयी है।
- कुल बारिश में हमीरपुर 265, जालौन में 214, झांसी में 223 एमएम और ललितपुर में करीब 440 एमएम बारिश हो चुकी है।
- पूरे बुंदेलखंड में सामान्य से 126 फ़ीसदी अधिक बारिश हुई है, जो कि एक अच्छा संकेत है।
- भारी बारिश के चलते सभी नदियों के जलस्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी है।
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मौके पर कहा कि, सरकार लगातार काम कर रही है।
- उन्होंने कहा कि, हमने तालाब खोदे जिससे वर्षा के जल संचयन में काफी मदद मिल रही है।
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Divyang Dixit
Journalist, Listener, Mother nature's son, progressive rock lover, Pedestrian, Proud Vegan, व्यंग्यकार