सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद भले ही सभी वैध शराब की दुकान मुख्य सड़क से अन्यत्र विस्थापित हो गई लेकिन प्रशासन लगातार अवैध और कच्ची शराब (kachchi sharab) परोसने वाली भट्ठियों से नजर चुरा रहा है. ये कच्ची शराब की भट्ठियां लोगों में अमूमन मौत ही बांटने का काम करती हैं. प्रशासन के इस लचर रवैये के कारण जिले में दहशत है. उन्हें आशंका है कि कहीं बलिया में भी आजमगढ़ की तरह कोई घटना न हो जाये.
आजमगढ़ में जहरीली शराब से हुई 15 मौतें:
- हाल ही में बलिया के समीपवर्ती जनपद में जहरीली शराब पीने से 15 लोगों की मौत हो गयी .
- ऐसा भी नहीं है कि आबकारी विभाग और प्रशासन इन भट्ठियों के संचालन से बेखबर है.
- हालांकि समय-समय पर अभियान चलाकर इन भट्ठियों पर दबिश भी दी जाती है.
- बावजुद इसके इन भट्ठियों का संचालन जारी है.
- शराब व अन्य नशे का सौदा करने वाली सामग्री की जिले में अनवरत बिक्री हो रही है.
- चौकाने वाली बात है कि कुछ दिनों पूर्व जिले में हिमांचल प्रदेश सहित हरियाणा और पंजाब की शराब बरामद की गई थी.
- आखिर इन दूर के प्रदेशों से इतना लंबा सफर कर ये शराब कैसे और किस रास्ते पहुचती है?
- इसपर बलिया प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है.
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Kamal Tiwari
Journalist @weuttarpradesh cover political happenings, administrative activities. Blogger, book reader, cricket Lover. Team work makes the dream work.