समाजवादी पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव कमाल फ़ारूक़ी ने आज लखनऊ में एक प्रेस वार्ता बुलाई थी. इस प्रेस प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने अपना समर्थन बसपा को देने की बात की. लेकिन इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाये.
मुस्लिम आरक्षण और दंगों पर सपा को बनाया निशाना:
कमाल फ़ारूक़ी ने कहा कि जब-जब सपा की सरकार बनी है, तब-तब बीजेपी और आरएसएस मज़बूत हुयी है. उन्होंने कहा कि वो एक शिक्षाविद् हैं और दिल्ली में रहते हैं. लेकिन यूपी के अमरोहा के ही रहने वाले हैं.
- उन्होंने कहा कि अगर दलित और मुस्लिम एक साथ हो जाएँ तो संविधान में जो हमें अधिकार दिए गए हैं उसे हासिल कर सकते हैं.
- उन्होंने कहा कि संविधान में साफ है कि किसी धर्म जाति और सेक्स के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता है.
- मुस्लिमों को ऐसा कर दिया गया कि उनके वोट का कोई मूल्य ना रहे.
- लोग कहते हैं कि सत्ता में आते ही मायावती बीजेपी से हाथ मिला लेंगी.
- लेकिन मायावती ने मुझसे कहा है कि किसी भी कीमत पर बीजेपी से हाथ नहीं मिलाएंगे.
- कमाल फारूकी ने कहा कि मुलायम सिंह ने जो मुस्लिम आरक्षण की बात कही थी वो पूरी नहीं की गई.
बसपा को दिया समर्थन:
- सबसे ज़्यादा तकलीफ इस की बात है कि जो जान-माल, आबरू नीलाम हुई, सपा सरकार के कार्यकाल में हुई.
- मुज़फ्फरनगर दंगों में मुस्लिमों पर जुल्म हुए.
- सपा के कार्यकाल में इतना अत्याचार केवल मुस्लिमों पर ही हुआ.
- ऐसे में मुस्लिम केवल वोटबैंक ही बनकर रह गया है.
- सपा सरकार के कार्यकाल में 500 से ज़्यादा दंगे-फसादहुए.
- लेकिन दोषियों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई.
- वो दोषी आज भी आजाद हैं और बाहर घूम रहे हैं.
- कमाल फारूकी ने कहा वो बसपा नहीं ज्वाइन कर रहे हैं बल्कि बसपा को समर्थन दे रहे हैं.
- उन्होंने कहा कि नोटबंदी का असर आपको आने वाले समय में पता चलेगा .
- कमाल फारूकी ने साफ़ किया है कि मायावती ने उन्हें आश्वस्त किया है कि बसपा बीजेपी से पोस्ट इलेक्शन हाथ नहीं मिलाएगी.
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Kamal Tiwari
Journalist @weuttarpradesh cover political happenings, administrative activities. Blogger, book reader, cricket Lover. Team work makes the dream work.