उत्तर प्रदेश में पिछली सरकार के कार्यकाल में अधिकारियों की कारस्तानी का एक और मामला सामने आया है। माध्यमिक शिक्षा परिसद के अधिकारियों ने शपथ ग्रहण से पहले ही लैपटॉप योजना के लिए अरबों रुपए के बिल जारी कर दिए। अब सवाल उठ रहा है कि अधिकारियों ने बिल चुकाने में इतनी जल्दबाजी क्यों की?
- अखिलेश यादव सरकार में 10वीं और 12वीं पास छात्राओं को मुफ्त में लैपटॉप दिया जाता था।
- 11 मार्च को चुनाव परिणाम में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिली।
क्या है मामला?
- अधिकारियों ने शपथ ग्रहण से पहले 16 मार्च को 96,96,88,180.00 रुपए जारी कर दिए।
- गोदामों में लाखों लैपटॉप ।
- ऐसे में सवाल उठता है कि बिल चुकाने में अधिकरियों ने जल्दी क्यों की ?
- किस बात का डर सता रहा कि नए मुख्यमंत्री के कार्यभार सँभालने से पहले ही भुगतान कर दिया गया?
- अखिलेश यादव सरकार में अधिकारियों की कारस्तानी का एक और उदाहरण इस मामले के सामने के आने के बाद देखा जा सकता है.
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Nitish Pandey
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से आने वाले नीतीश पाण्डेय लंबा समय पत्रकारिता में गुजार चुके हैं। राजनीति में विशेष रुचि है, जबकि अपराध (क्राइम) पत्रकारिता में पूरी दक्षता के साथ दखल रखते हैं।