प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गरीब परिवारों के लिए चलाई गई ‘प्रधानमंत्री उज्जवला योजना‘ के तहत दिए जा रहे गैस सिलेंडरों की गुणवत्ता की जरा भी जांच नहीं की जा रही है। सुरक्षा मानको में हो रही की इस अनदेखी का खामियाज़ा गरीब परिवार के लोगों को उठाना पड़ रहा है । रविवार को इसी योजना के तहेत दिया गया एक गैस सिलेन्डर एक परिवार के पांच सदस्यों और दो पड़ोसियों के लिए आफत का कारण बन गया। गैस सिलेंडर में लगी आग के कारण सात लोग गंभीर रुप से झुलस गए,जिसमे दो बच्चों की मौत होगी है और बाकियों की हालत चिंता जनक बनी है और वह मौत व जिंदगी के बीच जूझ रहे हैं।
गैस सिलेंडरों की गुणवत्ता की जांच में हो रही अनदेखी
- प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत दिए जा रहे सिलेंडरों की जांच में अनदेखी का एक मामला सामने आया है
- सहारनपुर जिले में बेहट थाना क्षेत्र के गांव साढौली का है मामला
- गाँव के एक निवासी सोमपाल की पत्नी मुन्नी को कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन प्रदान किया गया था।
- चाय बनाने के लिए मुन्नी ने जैसे ही गैस के चूल्हे को माचिस की तीली दिखाई
- तो आग चूल्हे से साथ-साथ पूरे कमरे में फैल गई।
- जिससे मुन्नी, सोमपाल सहित उनके तीनों बच्चे भी आग की चपेट में आ गया।
- आग से घीरे लोगों को बचाने का प्रयास में पड़ोस के दो बच्चे विनय और शिवम् भी गंभीर रुप से झुलस गए।
- बताय जा रहा है कि गैस कनेक्शन के दौरान उन्हें जो गैस सिलेंडर प्रदान किया गया था
- उसकी गुणवत्ता का जरा भी ध्यान नहीं रखा गया।
- इस खबर से गांव में अफरा तफरी मच गई।
- मामले की जानकारी फायर सर्विस और थाना पुलिस को दी गई।
- इससे पहले कि फायर सर्विस और पुलिस मौके पर पहुंचती ग्रामीणों ने आग पर काबू कर लिया
- झुलसे लोगों को गाँव वालों ने उपचार के लिए सरकारी अस्पताल भिजवाया।
- सोमपाल के परिवार के पांचों सदस्यों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल में रेफर कर दिया गया है ।
- जहां उनकी हालत गंभीर बनी है।
ये भी पढ़ें
UTTAR PRADESH NEWS की अन्य न्यूज पढऩे के लिए Facebook और Twitter पर फॉलो करें
Mohammad Zahid
मैं @uttarpradesh.org का पत्रकार हूँ। तथ्यों को लिखने से मुझे कोई रोक नहीं सकता।नवाबों के शहर लखनऊ का हूँ इसलिए बुलंद आवाज़ भी उठाता हूँ तो बड़े एहतराम से....