पिछले दिनों राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआइ) में चंदन के तीन पेड़ों की चोरी के मामले में गठित की गई कमेटी अभी तक दोषियों कुछ पता नहीं लगा पाईं है। हालांकि संस्थान द्वारा जांच पूरी कर ली है। बताया जाता है कि कमेटी ने मुख्य रूप से सुरक्षा कर्मियों को जिम्मेदार माना है। साथ ही एनबीआरआइ के सुरक्षा अधिकारी को भी इसके लिए दोषी माना गया है। हालांकि, जांच रिपोर्ट निदेशक डॉ.एसके बारिक के शहर में न होने के कारण अभी उन्हें सौंपी नहीं जा सकी है। उनके यहां आते ही यह रिपोर्ट उन्हें सौंप दी जायेगी इसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
सुरक्षा गार्डों को पाया गया दोषी
- आप की जानकारी के लिए बता दें कि पिछले 4 नवंबर 2016 की रात गार्डेन ब्लॉक से चंदन के तीन पेड़ों को काट लिया गया था।
- कड़ी सुरक्षा के बावजूद पेड़ों की चोरी किसी के गले नहीं उतर रही है।
- संस्थान ने चोरी की एफआइआर दर्ज कराई है इसकी पड़ताल पुलिस कर रही है।
- संस्थान ने वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. डीके उप्रेती की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी और इस कमेटी को जांच को सौंपी गई थी।
- कमेटी ने मौके पर तैनात सुरक्षा गार्डों को दोषी पाया है।
- अभी जांच किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
- हालांकि, गार्डों की भूमिका संदेह के घेरे में है।
गेट से 100 मीटर पर चोरी हो गए चंदन के पेड़
- बता दें कि जहां से पेड़ों की चोरी हुई उस स्थान से महज सौ मीटर की दूरी पर गेट है जहां सुरक्षाकर्मी मौजूद रहते हैं।
- फिलहाल जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती, पुख्ता तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता।
- निदेशक डॉ. बारिक के अनुसार सुरक्षा मजबूत करने के सभी उपाय किए जा रहे हैं।
- इस बाबत लक्ष्मण मेला चौकी प्रभारी एके सिंह का कहना है कि जिस आठ कर्मचारियों की भूमिका पर संदेह जताया गया था, उनके बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
- संदिग्ध कर्मचारियों का मोबाइल कॉल ब्योरा निकलवाया जा रहा है।
UTTAR PRADESH NEWS की अन्य न्यूज पढऩे के लिए Facebook और Twitter पर फॉलो करें
Sudhir Kumar
I am currently working as State Crime Reporter @uttarpradesh.org. I am an avid reader and always wants to learn new things and techniques. I associated with the print, electronic media and digital media for many years.