उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की निवासी शची पाण्डेय ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा कि, वो मरना नहीं चाहती हैं।
सड़क हादसे में हुई पिता की मृत्यु:
- सीतापुर के अटरिया जिले की निवासी शची पाण्डेय की कहानी बहुत ही मार्मिक है।
- शची पाण्डेय के पिता दिनेश कुमार पाण्डेय लखनऊ के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में चौकीदार थे।
- 3 मार्च 2015 को सड़क हादसे में शची के पिता दिनेश की मृत्यु हो गयी थी।
- जिसके बाद शची के दादा राम सरन पाण्डेय ने शची की माँ उर्मिला पाण्डेय को खाने-पीने का सामान देना बंद कर दिया।
नाना ने दिया सहारा, लेकिन कैसे हो पढ़ाई?:
- शची के दादा के ठुकराने के बाद शची के नाना राम आसरे उन्हें अपने घर ले आये।
- हालाँकि, नाना राम आसरे ने उन लोगों को सहारा दिया।
- लेकिन आर्थिक तंगी के चलते शची और उसकी बहन की पढ़ाई कैसे हो यह यक्ष प्रश्न था।
- पैसों की कमी के चलते शची का बीएससी में दाखिला नहीं हो पाया, वहीँ उनकी छोटी बहन को स्कूल के शिक्षक फीस न जमा करने के चलते बेइज्जत करते हैं।
हर तरफ से निराश हो चुकी शची ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को लिखा मार्मिक पत्र:
- सीतापुर निवासी शची इंजीनियर बनना चाहती हैं, साथ ही वो अपनी छोटी बहन को आईएएस बनाना चाहती हैं।
- लेकिन आर्थिक तंगी ने शची को सभी ओर से निराश कर दिया।
- जिसके बाद शची ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को चिट्ठी लिखकर मदद की गुजारिश की है।
- चिट्ठी में लिखा है कि, मेरी माँ हम बहनों के साथ ख़ुदकुशी करने की बात कहती हैं।
- शची आगे लिखती हैं कि, मैं मरना नहीं चाहती हूँ, मैं इंजीनियर बनना चाहती हूँ और छोटी बहन को आईएएस बनाना चाहती हूँ।
अखिलेश यादव ने तत्काल प्रभाव से लिया संज्ञान:
- सीतापुर की शची पाण्डेय ने मुख्यमंत्री को मदद के लिए पत्र लिखा था।
- मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तत्काल प्रभाव से मामले का संज्ञान लिया।
- साथ ही पत्र के जवाब में मुख्यमंत्री ने सीतापुर डीएम को पूरी मदद के आदेश दिए हैं।
- सीतापुर डीएम शची और उनके परिवार से मिलने जायेंगे।
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Divyang Dixit
Journalist, Listener, Mother nature's son, progressive rock lover, Pedestrian, Proud Vegan, व्यंग्यकार