आज हम आप को अधिकारियों और ग्राम प्रधान की मिली भगत का कारनामा हम आप को दिखाएंगे कि किस तरह से एक गरीब बुजुर्ग महिला को जीते जी मार दिया। बुजुर्ग महिला के साथ हुई इस करसतानी के बाद अब बुजुर्ग महिला खुद को जिन्दा साबित करने के लिए आलाधिकारीयों के चक्कर काट रही है। लेकिन इस बुजुर्ग महिला का कोई सुनने वाला नहीं नही है।
- ग्राम प्रधान ने सेक्रेटरी समेत अधिकारीयों से हाथ मिलाकर महज एक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक आवास के लिए इस बुजुर्ग को कागजों में दिखाकर मृत घोषित कर दिया।
- जब कि आवास की बनी सूची में इस बुजुर्ग महिला का नाम है।
- बुजुर्ग महिला का नाम तो सूची में आ गया।
- लेकिन उसके बावजूद वह तहसील में पिछले 15 दिन से गुजर बसर करने पर मजबूर है।
- महिला ने आज एसडीएम के सामने पेश होकर अपने जिंदा होने के सबूत दिए हैं।
- इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।
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आइये जानते हैं कि कहाँ का है ये मामला ?
- ये चौकाने वाला मामला तहसील जलालाबाद के रौली बौली ग्राम पंचायत के मजरा नौगवां गांव का है।
- इस गांव की रहने वाली बुजुर्ग महिला चंदा देवी के पति बनवारी लाल खेती किसानी का काम करते थे।
- कई साल पहले चंदा देवी के पति की बीमारी के चलते मौत हो गई थी।
- दोनों की कोई औलाद न होने के कारण चंदा देवी आज बिल्कुल अकेली है।
- पति की मौत के बाद बेसहारा गरीब महिला के तरफ से रिश्तेदार और ग्राम वासियों ने ऐसी आंखे फेरी की आज चंदा देवी के लिए उस गांव में रहने के लिए एक झोपड़ी तक नही है।
- और न ही बुजुर्ग महिला को किसी से कोई सहारे की उम्मीद है।
- लेकिन कम से कम इस गरीब बेसहारा बुजुर्ग महिला को ये तो भरोसा था।
- कि वह अभी जिंदा है।
- लेकिन नौगवां गांव के प्रधान पति दिलदार हुसैन ने सेक्रेटरी प्रति पाल, और बीडीओ की कारस्तानी ने इस महिला को जीते जी ही मार दिया।
- कुछ दिन पहले जब इस महिला को पता चला की सरकार की तरफ से उसे एक प्रधानमंत्री आवास योजना में उसको आवास दिया जाएगा।
- तो बुजुर्ग महिला ने सोचा कि आखिर कि बची जिंदगी कम से कम अपने घर में गुजार लेगी।
- लेकिन बुजुर्ग को आवास तो नही मिला।
- लेकिन तहसील में रहने के लिए जगह मिल गई।
- आज बुजुर्ग महिला अपने को कपङो के साथ पिछले 15 दिन से तहसील में ही रहे कर अपने दिन गुजार रही हैं।
- वहीं जो इंदरा आवास इस बुजुर्ग के लिए आवंटन किया गया था।
- तो ग्राम प्रधान की मिली भगत से उस आवास को पैसे लेकर किसी और को दे दिया गया।
- फिर इस गंभीर मामले को देखते हुए एसडीएम ने जांच के आदेश दे दिए है।
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Ashutosh Srivastava
Reporter at uttarpradesh.org, News Junkie,Encourager not a Critique Admirer of Nature.