Uttar Pradesh News, UP News ,Hindi News Portal ,यूपी की ताजा खबरें
Uttar Pradesh

राजेश पर भाजपा की केन्द्रीय नेतृत्व की मुहर के बाद , मची है अबरार …….इस्तीफों का दौर जारी

UP Elections 2022

राजेश पर भाजपा की केन्द्रीय नेतृत्व की मुहर के बाद , मची है अबरार …….इस्तीफों का दौर जारी

 

सुलतानपुर ।

 

यूपी चुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर बगावत सिर्फ सपा-बसपा और कांग्रेस में ही नहीं बल्कि बीजेपी में भी पार्टी पदाधिकारियों के बागी रूख आने लगे हैं तो वहीं नराज पार्टी पदाधिकारियों ने बकायदा त्याग पत्र जारी करते हुए भाजपा विधायक व प्रत्याशी राजेश गौतम की धड़कने बढ़ाने के साथ ही साथ सुलतानपुर भाजपा को भी असमंजस में डाल दिया है । सुल्तानपुर में कादीपुर सुरक्षित सीट पर दुबारा विधायक राजेश गौतम को प्रत्याशी बनाए जाने पर बीजेपी की अंतर्कलह सामने आई है। यहां दो बूथ अध्यक्ष और दो महामंत्री ने अपना लिखित त्याग पत्र बीजेपी जिलाध्यक्ष को भेजा है। यह सभी सुभाष चंद को टिकट देने की पैरवी करते चले आए हैं।

up-elections-the-round-of-resignations-continues1
up-elections-the-round-of-resignations-continues1

 

दुबारा प्रत्याशी बनाए गए हैं विधायक

 

शुक्रवार को जारी सूची में बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने सुल्तानपुर की कादीपुर सुरक्षित सीट से विधायक राजेश गौतम के नाम पर मुहर लगाई थी। बैरहाल राजेश ने 2017 में मोदी लहर में बीएसपी के भगेलू राम को हार का मजा चखाया था , लेकिन इस बार खुद उनकी मुश्किलें बढ़ी हुई हैं, क्षेत्र में नदारद रहने और विकास कार्य न के बराबर करने को लेकर जहां भारी विरोध है वही पार्टी में भी उनका विरोध शुरु हो गया है। उनका टिकट फाइनल होते ही हरपुर बूथ अध्यक्ष रमेश कुमार सिंह, मेवालाल चौहान, अखंडनगर के मंडल महामंत्री माधव राम वर्मा और अखंड नगर के महामंत्री सुनील कुमार मौर्या ने अपना-अपना त्याग पत्र बीजेपी जिलाध्यक्ष डॉ. आरए वर्मा को भेजा है।

up-elections-the-round-of-resignations-continues2

सोशल मीडिया पर भी विधायक के खिलाफ जमकर दिख रहे बगावत के सुर

 

भाजपा विधायक व प्रत्याशी राजेश गौतम को लेकर विधानसभा क्षेत्र में जमकर विरोध दिख रहा है । सभी सुभाष चंद्र के समर्थन में पोस्ट करके बीजेपी उम्मीदवार को हराने की बात लिख रहे हैं । 2017 में राजेश ने जिन के दम पर अपने प्रतिद्वंद्वी बसपा प्रत्याशी रहे भगेलू राम को पराजित किया था , तो वहीं इस बार वही भगेलू राम सपा के टिकट पर उनके सामने ताल ठोकते नजर आ रहे हैं ।

up-elections-the-round-of-resignations-continues3

आज तक सुरक्षित सीट रही है कादीपुर

 

गौरतलब रहे कि कादीपुर सीट 1957 से लेकर आज तक सुरक्षित सीट रही है। इससे पहले। यहां के मतदाता दो विधायक चुनते थे एक सामान्य और एक अनुसूचित जाति का । यहां बता दें कि 1952 से लेकर 1989 तक यहां 11 बार कांग्रेस का विधायक चुना गया। लेकिन इसके बाद से कांग्रेस को यह सीट नसीब नहीं हुई। 1977 में जनता पार्टी की हुई थी जीत 1977 में एक बार इस सीट पर जनता पार्टी और 1991 की रामलहर में बीजेपी ने यहां से जीत दर्ज कराई थी। उसके बाद 1993 में बसपा के भगेलू राम विधायक चुने गए। लेकिन ठीक तीन साल बाद 1996 में बीजेपी ने उनसे यह सीट छीन ली।

लगातार दो टर्म विधायक रहे भगेलू राम

 

2002 और 2007 में भगेलू राम दो बार विधायक हुए। इसके बाद भाग्य ने दो बार उनका साथ नहीं दिया 2012 में वो सपा के रामचंद्र चौधरी से और 2017 की मोदी लहर में बीजेपी के राजेश गौतम से चुनाव हार गए।

रिपोर्ट – ज्ञानेन्द्र तिवारी / अरूण त्रिपाठी

Related posts

शातिर चोर रफी गिरफ्तार, ट्रेनों में यात्रियों के साथ देता था चोरी की वारदात को अंजाम, चोरी का मोबाइल और 2240 रुपये बरामद, जीआरपी ने की गिरफ्तारी।

Ashutosh Srivastava
7 years ago

संगठन की बैठक के लिए दिल्ली जायेंगे CM योगी!

Divyang Dixit
7 years ago

अनियमित बिजली कटौती से गर्मी में बेहाल हुए लोग

Short News
7 years ago
Exit mobile version