उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भू माफियाओं के लेकर ख़ासा सख्त है. जिसके चलते सरकार ने भू माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं. लेकिन यूपी पुलिस को जब बड़े भू माफियाओं तक नही पहुँच पाई तो उन्होंने पांच मजदूरों को भू माफिया बना कर जेल भेज दिया. इतना ही नही गांव का एक 70 साल का दिव्यांग वृद्ध भी पुलिस की भू माफिया की इस लिस्ट में शामिल है.
पुलिसिया ख़ौफ़ के साए में जिंदगी जीने को मजबूर ये मजदूर-
- फतेहपुर जिले के हुसेनगंज थाना क्षेत्र का मोहद्दीपुर गांव में पुलिस की शर्मनाक करतूत सामने आई है.
- जहाँ मोहद्दीपुर गांव के गरीब ग्रामीण पुलिसिया ख़ौफ़ के साए में जिंदगी जीने को मजबूर हो गए है.
- क्यों कि पुलिस का चाबुक कब किस ग्रामीण के ऊपर चल जाये कहा नही जा सकता.
- पुलिस की इन करतूतों से गांव की महिलाओं से लेकर महिलाओं तक में दहशत है.
- गौरतलब हो कि योगी सरकार ने भू माफियो को प्रदेश छोड़ने का अल्टीमेटम दे दिया था.
- जिसके बाद पूरी पुलिस हरकत में आ गई थी.
- इस दौरान नामी गिरामी भू माफिया तो पुलिस के शिकंजे में आये नही.
- लेकिन ऐसे लोग जो दो जून की रोटी के खातिर ईंट भठ्ठो की मजदूरी करके अपना पेट पालते है वो भू माफिया की लिस्ट में आ गए.
- जिनको पुलिस ने जेल तक भेज दिया है.
- इनका कसूर केवल इतना था कि इनको पट्टे में 2बिस्वा जमीन ग्राम समाज से मिली थी.
- जिस पर ये गुजर बसर करते थे.
- लेकिन ये पट्टे रद्द हो गया इस दौरान इन्हें कब्जा बेदखली की नोटिश भी नही मिला.
- जिसके बाद पुलिस ने इन्हें भू माफिया बना कर जेल भेज दिया.
- इतना ही नही गांव के लोगो की मॉने तो 16 लोग पुलिस रिकार्ड में भू माफिया है
- गांव के ग्रामीणों की माने तो जेल जाने वाले गुलाब भोला हीरा लाल सन्तोष व् राजेंद्र सभी ईंट भठ्ठे के मजदूर है.
- यही नही 70 साल के दिव्यांग को भी पुलिस ने रिकार्ड में भू माफिया बना दिया है.
- जिसे पुलिस ने जल्द ही जमानत कराने का अल्टीमेटम दे दिया है.
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Mohammad Zahid
मैं @uttarpradesh.org का पत्रकार हूँ। तथ्यों को लिखने से मुझे कोई रोक नहीं सकता।नवाबों के शहर लखनऊ का हूँ इसलिए बुलंद आवाज़ भी उठाता हूँ तो बड़े एहतराम से....