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SC/ST को प्रमोशन में आरक्षण के लिए आदेश जारी

reservation in promotion issue an order for SC / ST

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SC/ST को प्रमोशन में आरक्षण के लिए केंद्र सरकार ने आदेश जारी कर दिया है. केंद्र सरकार ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद उठाया है। जिसके बाद केंद्र ने सभी मंत्रालयों, विभागों एवं राज्य सरकारों को कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने के लिए कहा है।

सर्कुलर किया गया जारी:

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की ओर से आज इस मामले में अधिसूचना जारी कर दिया गया। DOPT ने कहा है कि सरकार के सभी मंत्रालय, विभाग, राज्य सरकारें एवं केंद्र शासित प्रदेश उच्चतम न्यायालय के पिछले पांच जून के आदेश के मुताबिक़ ही अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण दें।

विभाग ने यह भी बताया कि पदोन्नति में आरक्षण संबंधी सभी आदेशों में इस बात को स्पष्ट किया जाना चाहिए कि पदोन्नति का यह आदेश सर्वोच्च न्यायालय के आखिरी फैसले पर निर्भर करेगा।

बता दें कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय का यह निर्देश केंद्र एवं राज्यों में SC/ST श्रेणियों के सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति के मामले में लागू होगा।

5 जून को सुप्रीम कोर्ट ने दी थी इजाजत:

सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST के सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण विवाद मामले में संविधान पीठ का अंतिम फैसला आने तक केंद्र सरकार को कानून के दायरे में आरक्षण लागू करने की गत 5 जून को इजाजत दी गयी थी।

अदालत में सरकार का पक्ष रखते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) मनिंदर सिंह ने कहा था कि कर्मचारियों को पदोन्नति देना सरकार की जिम्मेदारी है।

लेकिन विभिन्न उच्च न्यायालयों की ओर से जारी आदेशों और ऐसे ही एक मामले में यथास्थिति बनाने रखने के शीर्ष अदालत के 2015 के आदेश के मद्देनजर पदोन्नति में एससी/एसटी के कर्मचारियों के आरक्षण की सम्पूर्ण प्रक्रिया रुक गई थी।

कार्मिक विभाग ने 30 सितंबर 2016 को जारी किया था आदेश:

गौरतलब है कि कार्मिक विभाग ने 30 सितंबर 2016 को एक आदेश जारी किया था। जिसमें पदोन्नति में आरक्षण पर रोक लगा दी गयी थी। इसके बाद से एससी/एसटी समुदाय के सरकारी कर्मचारी पदोन्नति के लिए सरकार के नुमाइंदों पर दबाव बना रहे थे। साथ ही, अलग-अलग उच्च न्यायालयों के अलग निर्णय आये थे। जिसके बाद आरक्षण व्यवस्था को एक जैसा संचालित नहीं किया जा पा रहा था।

पिछले पांच जून को न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अवकाशकालीन पीठ ने उच्च न्यायालय के फैसलों पर रोक लगाते हुए कहा था कि केंद्र सरकार पदोन्नति में आरक्षण दे सकती है।

न्यायालय ने कहा, यह मामला संविधान पीठ में है, इसलिए इस पर आखिरी फैसला लेने का अधिकार संविधान पीठ के पास है। संविधान पीठ जब तक इस मामले में फैसला नहीं लेती है, तब तक केंद्र सरकार एससी/एसटी के सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देती रहेगी।

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